सु्प्रीम कोर्ट ने कहा कि नागरिकता संशोधन क़ानून (सीएए) पर बिना सुनवाई के रोक नहीं लगाई जा सकती. देशभर में हो रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को नागरिकता संशोधन क़ानून (सीएए) के ख़िलाफ़ और समर्थन में दायर 144 से अधिक याचिकाओं पर सुनवाई हुई. जब इस मामले पर सुनवा ई शुरू हुई तो अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कोर्ट में भीड़ को लेकर शिकायत की. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के चीफ़ जस्टिस एसए बोबड़े से कहा कि माहौल शांत रहना चाहिए, ख़ासकर सुप्रीम कोर्ट में. उन्होंने कहा कि कोर्ट को यह आदेश देना चाहिए कि सुनवाई के लिए कौन आ सकता है, इसे लेकर कुछ नियम बनाए जाने चाहिए. सिब्बल ने भी इसी तरह की चिंता जाहिर की. चीफ़ जस्टिस ने कहा कि वो कोर्ट में भारी भीड़ को लेकर कुछ कर रहे हैं. अटॉर्नी जनरल ने कहा कि अमरीका में सुप्रीम कोर्ट और पाकिस्तान में सुप्रीम कोर्ट में कोर्ट रूम में विजिटर्स के आने को लेकर कुछ नियम हैं. सिब्बल ने कहा कि कोर्ट को यह सुनिश्चित क रना है कि क्या इस मामले को सं वैधानिक पीठ को भेजा जाना है. नागरिकता एक बार दिये जाने के बाद वापस नहीं ली जा सकती. सिंघ...