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Showing posts from November, 2018

बधाई हो की सक्सेस पर क्या महसूस कर रहे हैं आयुष्मान खुराना? बताया

बॉलीवुड एक्टर आयुष्मान खुराना के लिए ये साल काफी सक्सेसफुल साबित हुआ है. उनकी फिल्म अंधाधुन ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई की. इ सके बाद कम बजट में बनी उनकी फिल्म बधाई हो ने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा दिया. रिलीज के 4 हफ्तों से ज्यादा होने के बाद भी फिल्म की कमाई रुकने का नाम नहीं ले रही है. फिल्म के बारे में लीड एक्टर आयुष्मान खुराना ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. पिंकविला को दिए गए इंटरव्यू में आयुष्मान खुराना ने कहा- ''ये साल मेरे लिए एक सपने सरीखा रहा. एक अभिनेता के रूप में मैंने हमेशा ये माना है कि कंटेंट सिनेमा का भगवान है. मैंने इस किस्म के ऑफबीट सिनेमा को हमेशा तवज्जो दी है. क्योंकि मुझे ऐसा लगता है कि एक कंटेंट बेस्ड फिल्म, इंटरटेनमेंट के साथ सिंपल और अच्छी फिल्म कहलाती है.'' आयुष्मान ने आगे कहा- ''मेरी फिल्मों को लेकर किए गए चुनाव पर लोगों ने हमेशा सवाल खड़े किए हैं. मगर मैंने हमेशा किसी की भी सुने बगैर खुद की चॉइस पर भरोसा किया है. लोग मुझे सचेत करते थे कि मैं स्टार्डम गेम नहीं कर रहा हूं और सिर्फ अच्छे कंटेंट पर काम कर रहा हूं. आज मैं अपने आप को एक एक्ट...

बहुत खूब! कोई नहीं जानता फरार पूर्व मंत्री कहां हैं

सुप्रीम कोर्ट ने आर्म्स एक्ट मामले में बिहार की पूर्व कैबिनेट मंत्री मंजू वर्मा की गिरफ्तारी नहीं होने पर सोमवार को राज्य पुलिस को फटकार लगाई। शीर्ष अदालत ने डीजीपी को समन जारी किया है । उन्हें 27 नवंबर को कोर्ट में पेश होकर जवाब देना होगा। मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस एमबी लोकुर ने कहा, ‘‘बहुत खूब! यह कैसे हो सकता है कि (पूर्व) कैबिनेट मंत्री फरार हैं और कोई नहीं जानता वे कहां हैं । आप सोचिए कितनी गंभीर बात है कि कैबिनेट मंत्री का पता नहीं है। ये तो हद है। हम हैरान हैं कि पुलिस एक महीने में भी पूर्व कैबिनेट मंत्री को गिरफ्तार नहीं कर सकी। हम चाहेंगे कि पुलिस बताए कि आखिर वह एक खास व्यक्ति का पता कैसे नहीं लगा पाई। डीजीपी हमारे सामने पेश होकर जवाब दें।’’ मामले की अगली सुनवाई 27 नवंबर को होगी। टाटा इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट में हुआ था खुलासा यह मामला मुजफ्फरपुर शेल्टर होम में 34 लड़कियों से दुष्कर्म होने से जुड़ा है। टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंसेस की बिहार के समाज कल्याण विभाग को भेजी गई एक ऑडिट रिपोर्ट में लड़कियों से ज्यादती होने का खुलासा हुआ था।  यह शेल्टर होम बृजेश ठा...

लखनऊ T-20 जीतकर 'हिटमैन' ने कही दिल को छूने वाली ये बात

नियमित कप्तान विराट कोहली की गैरमौजूदगी में भारतीय टीम की कप्तानी कर रहे रोहित शर्मा ने कहा है कि वे दर्शकों के चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए खेलते हैं. भारत ने 'हिटमैन' के रिकॉर्ड शतक की मदद से लखनऊ में वेस्टइंडीज को 71 रनों से हराकर तीन मैचों की टी-20 सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली. T20I में शतकों के सिकंदर बने रोहित शर्मा, बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड रोहित ने मैच के बाद कहा, 'मैंने टॉस के समय कहा था कि यहां ज्यादा मैच नहीं खेले गए हैं. हम पहले पिच को परखना चाहते थे कि वह कैसा बर्ताव कर रही है, इसलिए हमने अपना समय लिया. यह समझना जरूरी था कि पिच कैसा खेल रही है.' उन्होंने कहा, 'जब भी आपको अपना सर्वश्रेष्ठ करने का मौका मिले, तो उसे छोड़ना नहीं चाहिए. मुझे उम्मीद है कि जो भी मैच देखने आए थे, वे अपने चेहरे पर मुस्कान लेकर लौटेंगे. हम दर्शकों के चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए ही खेलते हैं.' भारत ने निर्धारित 20 ओवर में दो विकेट के नुकसान पर 195 रनों का मजबूत स्कोर बनाया और फिर वेस्टइंडीज को नौ विकेट पर 124 रन ही बनाने दिए रोहित ने बल्लेबाजों की तारीफ करत...

केदारनाथ के जलाभिषेक और परिक्रमा के बाद दिल्ली लौटे पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तराखंड के हर्षिल में जवानों के साथ दिवाली मनाने के बाद केदारनाथ पहुंचे. यहां हेलीपैड से उतरने के बाद करीब आधे किलोमीटर का रास्ता उन्होंने पैदल तय किया और बाबा केदारनाथ के मंदिर पहुंचे और पूजा-अर्चना की. इस बार उन्होंने जलाभिषेक किया. पिछले दो बार से वे रुद्राभिषेक कर रहे थे. मंदिर से बाहर आकर उन्होंने नंदी को प्रणाम किया और मंदिर की परिक्रमा भी की. इसके बाद उन्होंने निर्माण कार्यों का जायजा लिया. प्रधानमंत्री बनने के बाद वे तीसरी बार केदारघाटी पहुंचे. इससे पहले प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड आपदा की एक फोटो प्रदर्शनी भी देखी. प्रधानमंत्री ने इसका जायजा लिया. जून 2013 में उत्तराखंड में जो प्रलय आई थी, पूरी केदार घाटी तबाह हो गई थी. प्रदर्शनी में उसकी तस्वीरें दिखाई गईं. तबाही के बाद जो निर्माण कार्य कराया गया, खुद प्रधानमंत्री ने उसका जायजा लिया. बुधवार को केदारनाथ धाम में प्रधानमंत्री के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी मौजूद रहे. केदारनाथ मंदिर विशेष पत्थरों को जोड़कर बनाया गया है. यह मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है. पीएम मोदी साल 2017 में...

谷歌员工全球串联“集体出走”抗议公司女性政策

谷歌员工全球串联在世界各地办公室展开一 系列的“集体出走”活动 ,抗议该公司对女性的不当对待。 谷歌员工要求公司改变对职场性骚扰的处理方式 ,包括废除工作合约中的 “强制仲裁”条款。废除该条款后受害者将可以向法庭提出诉讼。 谷歌首席执行长桑德尔·皮蔡(Sundar Pichai)表示, 他支持员工采取行动的权利。 他在一 封发给所有员工的电邮中说 ,“我理解你们当中许多人感觉的愤怒和失望,我也感觉到了,而且我完全支持我们必须在这个 存在已久的问题上取得进展。” 为什么要“出走”? 过去一周里,谷歌员工因为一 件事情非常愤怒 ,《纽约时报》报道指谷歌支付一名高管9000万美元的高额分手费,即使这名高管面临非常“可信”的性骚扰指控。人称“Android之父”的安 迪·鲁宾(Andy Rubin)否认所有指控。 在那之后,负责谷歌“X研究室”的高管理查德·德沃尔(Richard DeVaul)也辞职,据报他性骚扰一名到谷歌求职面试的女性, 而那名女性面试的是德沃尔底下的职位。 德沃尔辞职后尚未发表任何声明,但过去他曾经说那起事件是一 次“判断错误”。 谷歌执行长皮蔡对员工表示 ,至少有48名谷歌员工因为涉及性骚扰而被解雇,而且没有任何离职金。 员工要求什么? 参加谷歌“出走罢工” 活动的员工在办公桌上留下字条 :“我不在位子上,因为我和其他谷歌人和约聘人员出走抗议性骚扰,不当行为,缺乏透明度,和不是每个人都能接受的职场文化。” 他们还向谷歌管理层提出正式要求,包括: 承诺终结薪资和机会不平等 公开性骚扰透明度报告 建立一套清楚、标准、全球通用的性骚扰举报机制,并保护举报者的隐私和安全 提升主管多元化的负责人的层级, 改为直接向首席执行长负责 ,直接向董事会提出建议。 在董事会上任命 一名员工代表 终结现有的和未来所有的员工性骚扰和歧视案件进行强制仲裁 强制仲裁是什么? 强制仲裁是美国硅谷员 工工作合约中经常见到的 一个条款,要求任何争议问题必须内部解决,不能用其他途径,例如告上法院。 反对者批评说 ,强制仲裁条款保护的是公司和被告者的声誉,而且还强迫受害者噤声,受害者也没有办法对仲裁决定提起 申诉或采取后续行动。 皮蔡表示,“对于我们如何改善公司政策,让公司继续向前行进,员工已经提出了建设性的构想。” ...